यह मेरी जिंदगी के सबसे बड़ी उलझनों में से एक है।

 यह मेरी  जिंदगी के सबसे बड़ी उलझनों में से एक है। 

आप आज क्या फैसला लेते हो, इसका कोई नहीं बता सकता कि भविष्य में क्या असर आपकी जिंदगी पर होगा। किसी के पास कोई समय यात्रा यंत्र नहीं है। कोई यह नहीं बता सकता कि आप यह फैसला लोगे तो यह हो जायेगा , यह लोगे तो यह हो जायेगा। आपको अपनी जिंदगी के फैसले बिना यह सोचे लेने पड़ेंगे कि क्या सही है और क्या गलत। 

जिंदगी के बहुत महत्वपूर्ण फैसलों के समय हमारे पास नाम मात्र का समय होता है। वहां हमे करो या मरो वाले फैसले लेने पड़ते है। 

जिंदगी के इस मोड़ पर आकर मै रुक गया हूँ। मुझे नहीं पता कि क्या करना है , क्या नहीं करना है। इस वक़्त मै अपनी जिंदगी के सबसे अधिक समय वाले दौर से गुजर रहा हूँ। बहुत सारे डर है , बहुत सारी उलझने। मैंने अपने पिछले सात साल अपने व्यवसाय को स्थापित करने में लगाए। मेरे जीवन के सबसे व्यस्त समय में से एक था वो। 

मुझे अपने जीवन के उस दौर का आनंद लिया है। मुझे अपने जीवन के उन सबसे व्यस्त सालो पर फक्र है। जिस तरह मै जीना चाहता था वो बिलकुल उसी तरह थे। 

पर मै अब जिंदगी को समझना चाहता हूँ। गहराई से ढूंढ़ना चाहता हूँ। मै अपने आप को बहुत धैर्य वाला व्यक्ति कह सकता हूँ। मैंने सालो तक इंतज़ार किया है केवल अपने व्यवसाय को लाभ में लाने के लिए। लेकिन मै जब भी इसको कामयाब समझता हूँ यह मेरी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। हमेशा ये उतार चढ़ाव वाला रहता है। अपनी व्यसायिक जिंदगी में आप एक नयी शख्स बन कर उबरते हो। पर फिर भी आपमें बहुत सारी कमियां रह जाती है। 

आप सफलता किसको मानते हो। यह आपकी जिंदगी की दिशा तय करती है पर उस सफलता पर पहुँच कर यह लगता है कि अभी तो यह केवल शुरुवात है। मै अपने बुढ़ापे के समय कोई पछतावा अपने दिल में नहीं रखना चाहता कि जो जरूरी था वो किया नहीं और गैरजरूरी चीज़ो के लिए अपना वक्त गुजार दिया। 

पर क्या जरूरी है, क्या नहीं। यह मै यहां खड़े होकर पता नहीं कर सकता। मै केवल फैसले ले सकता हूँ। पर कौन सा फैसला लेना है यह मुझे नहीं पता। 

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