एक आंख से दुनिया कितनी एक लगती है
बहुत बार देखा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन कर लेता है तो वो सबसे उम्मीद करता है कि वो भी यही करे या वो सबको बहला कर या जोर से धर्म परिवर्तन की कोशिश करता है। ऐसा क्यों होता है ? इसका जवाब साधारण सा है। जब कोई व्यक्ति काना हो जाता है तो उसको लगता है कि वो आँखों वालो के बीच नहीं रह सकता। फिर वो काना होने के फायदे गिनवाने लग जाता है। एक आंख से दुनिया कितनी एक लगती है यह गिनवाने लग जाता है। ऐसी ऐसी बाते करने लग जाता है जिनका कोई भी तर्क नहीं होता। पहले प्यार से बहकाने की कोशिश करता है और जब कोई नहीं मानता तो वो धमकियां देना शुरू कर देते है। उनको लगता है कि अगर वो काने हो गए है तो सबको काना कर देंगे। अगर सब काने हो जायेंगे तो उनको शन्ति मिल पायेगी। क्यूंकि धर्म परिवर्तन के बाद एक गलानि सी मन में पैदा हो जाती है और उस गलानि को खत्म करने के लिए और अपने निर्णय को सही साबित करने के लिए वो केवल नए अपनाये धर्म का ही गुणगान करते रहते है और दुसरो को भी यही करने के लिए प्रेरित करता है। ऐसा नहीं है कि उसको कुछ ज्ञान की प्राप्ति हुए या उसको दूसरे धर्म में ...