वैश्विक संस्थाओ की सच्चाई !
जब भी विश्व जुड़े किसी संगठन की बात आती है या पर्यावरण से जुड़े या जीवो से जुड़े या किसी भी ऐसे संगठन जो लोक हित में बनाया गया हो। उसको बनाने का उदेश्य हो सकता है अच्छा रहा हो परन्तु कुछ समय बाद वह किसी न किसी देश, कंपनी या व्यक्ति इत्यादि के हाथो की कठपुतली ही बन कर रह जाता है। अगर हम कुछ संगठनो की बात करे जैसे सयुंक्त राष्ट्र संघ, विश्व स्वास्थ्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन, पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स, पर्यावरण संगठन तथा ओर भी बहुत सारी सामाजिक संस्थाएं एक अच्छे ध्यये के लिए शुरू हुए थे और उनके पीछे एक महान प्ररेणा थी। पर समय के साथ ज्यादातर संगठन अपने वास्तविक उदेश्य से भटक गए और केवल किसी देश, व्यक्ति या संस्था के हाथ की कटपुतली बन जाते है और फिर वो दान लेने के लिए या जिस देश, संस्था या व्यक्ति से अधिक दान मिल रहा होता है इसके हिसाब से कार्य करने लग जाते है। दुनिया के सारे संगठन अपने नाम के पीछे अपने काले कारनामे छुपाने की कोशिश करते है या कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए इनके पीछे छिपने की कोशिश करते है। इसीलिए किसी भी संगठन पर विश्वास खुद के...