क्या किसी मनुष्य के पास जाने से यह पता लग सकता है कि वह अच्छा है या बुरा ?

मुझे लगता है कि हम किसी मनुष्य को छू कर या उसके पास जाने मात्र से अनुभव कर सकते है कि वो हमारे बारे में अच्छा सोचता है या बुरा। 

हम उसके विचारो को तो नहीं पढ़ सकते पर उसकी प्रतिक्रिया से या उसके शारीरिक द्रष्टिकोण से अहसास कर सकते है कि वो आपके बारे में क्या महसूस कर रहा है। 

मेरा मानना है कि हर व्यक्ति से एक ऊर्जा का प्रभाव होता है। हर परिस्थिति में, हर मानसिक अवस्था में और हर तरह के विचारो में (चाहे वो बुरे हो या अच्छे) एक अलग तरह की ऊर्जा निकलती है। 

अगर आपमें इसको थोड़ी सी भी समझने की कला है तो आप किसी के पास जाते ही अनुभव कर सकते हो कि सामने वाला व्यक्ति आपके बारे में अच्छा सोचता है या गलत। वो आपके साथ विश्वास कायम करेगा या विश्वासघात। 

उसके साथ रहकर आपको अच्छा अनुभव होगा या गलत। 

जरूरी नहीं कि अगर एक व्यक्ति आज आपके बारे में सही सोच रखता है। आपका विश्वास पात्र है तो वो अगले क्षण भी वही होगा। 

हो सकता है कि उसके विचार बदल गए हो। 

उसका व्यवहार आपको यह नहीं बता पायेगा पर उससे निकल रही ऊर्जा का प्रभाव सकारात्मक है या नकारात्मक, इस बात से पता करना सरल हो जाता है। 

अब व्यक्ति का व्यवहार समय समय पर बदलता रहता है। हो सकता है कि एक व्यक्ति आपके बारे में दिन में कई बार मत बदलता हो। तो क्या उनकी ऊर्जा का स्रोत्र भी बदलता होगा। 

ऊर्जा का स्रोत्र एक लम्बी प्रक्रिया से होता है। ऊर्जा को सकारात्मक से नकारत्मक और नकारात्मक से सकारात्मक होने में एक लम्बा समय लगता है। 

अगर एक व्यक्ति आपके साथ सालो से विश्वासपात्र के तौर पर रह रहा है तो उससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव उसके विश्वास घात के लम्बे समय बाद भी आता रहेगा। एक लम्बे समय के बाद ऊर्जा का प्रभाव नकारात्मक होगा। और तब आप उसे महसूस कर सकोगे। 

यही कारण है कि एक धोखे या विश्वासघात के बाद भी हम किसी पर विश्वास कर लेते है या उस बात पर बहुत समय तक विश्वास नहीं कर पाते। 

नकारात्मक या सकारात्मक ऊर्जा को महसूस करने के लिए हमे अपने आप को हर परिस्थिति में सहज करना सीखना होगा और अपनी मानसिक स्थिति को अध्यन करना होगा कि अब हम कैसा महसूस कर रहे है। 


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